Sunday, 26 July 2020

मिश्री से मिर्च में बदलते स्वाद



डरने लगी हूँ आजकल
बहुत मीठे से
हाँलाकि आसानी से पचा सकती हूँ
अतिरिक्त शर्करा भी
क्योंकि हाइपोग्लाइसीमिया 
या ‘लो ब्लड शुगर लेवल’ ने 
खूब मीठा खाने की इजाजत दी है
लेकिन मीठे के साइड इफ़ेक्ट्स के रूप में
मोटापे ने घेर लिया 
अनेक तकलीफदेह लक्षणों से!
जिसने अतिरिक्त मीठे से परहेज की आदत डाल दी
और साथ ही
कानों में मिश्री घोलते लोगों से भी परहेज करने लगी हूँ मैं
क्योंकि बहुत मीठे के भीतर के 
तेज झटके और आखिर में तीखी मिर्च
आंखों में बेहिसाब ऑंसू देने की क्षमता का अंदाजा लगा
एक छोटी सी टॉफी से
सुनो!
शुक्रिया तुम्हारा 
मुझे *मैजिक पॉप* *टाइम बम* और *इमली झटका* 
जैसी टॉफियों का स्वाद चखाने के लिए।
अनजाने में ही सही
तुमने कड़वी सच्चाई से करवाया मेरा परिचय
मिश्री से मिर्च में बदलते स्वाद
और कानों में घुलती चाटुकारिता की मधुरता के पीछे 
अंतस का कर्कश नाद,
जो दिखता नहीं पर अक्सर होता है।
अक्ल आई पर ठोकर खाकर
अब करती हूँ
पांचों इंद्रियों
यानि त्वचा, जीभ, आँख, नाक और कानों से
अति मीठे का त्याग
क्योंकि मुझे मिर्च खाना सख्त मना है।

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

0 comments:

Post a Comment