प्रिय फूल,
'गुलाब'
तुम मुझे बेहद पसंद हो
इसलिए नहीं
कि तुम अनेक रंगों में पाए जाते हो
बल्कि
इसलिए
तुम्हारा रंग कैसा भी हो
तुम्हारी खुशबू
और
तुम्हारे कांटे
तुम्हारी पहचान
और मेरे जीवन का दर्शन है।
#डॉप्रीतिसमकितसुराना
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प्रिय फूल,
'गुलाब'
तुम मुझे बेहद पसंद हो
इसलिए नहीं
कि तुम अनेक रंगों में पाए जाते हो
बल्कि
इसलिए
तुम्हारा रंग कैसा भी हो
तुम्हारी खुशबू
और
तुम्हारे कांटे
तुम्हारी पहचान
और मेरे जीवन का दर्शन है।
#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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