बालमन के मनोविज्ञान को समझकर उनके लिए रोचकता और ज्ञान सहित सरल शब्दावली का प्रयोग करते हुए नन्हे पाठकों तक अपनी बात पहुँचाने में सफल वरिष्ठ एवं प्रेरक साहित्यकार *'आ. शिखर चंद जैन जी'* की बाल कहानियों का संग्रह सिर्फ बच्चों के लिए नहीं बल्कि उन अभिभावकों के लिए भी ज्ञानवर्धक सिद्ध होगा जो नई पीढ़ी से अंतराल के कारण कई बातों से अनभिज्ञ हैं।
21 रोचक बाल कहानियों में शब्द, शिल्प, कथ्य एवं भावों के साथ-साथ *रीना मौर्यजी* एवं *जयति सुराना* (मेरी बेटी) के रेखाचित्रों ने पुस्तक को आकर्षक बनाया है।
डिज़ाइनर घोंसला का आवरण चित्र भी बहुत आकर्षक बन पड़ा है जिसका श्रेय जाता है अन्तरा शब्दशक्ति के *तकनीकी संपादक- संदीप सोनी जी* को। पुस्तक की प्रस्तावना में *राजकुमार जैन राजन जी* ने बहुत मोहक अंदाज में पुस्तक का सार प्रस्तुत किया है।
जहाँ डिज़ाइनर घोंसला, ऊंट मकड़ी, लोह मानव, बिटिया का न्याय, ग्लोबोफ़ोबिया, गलती कहाँ हुई?, सुंदरवन में व्हाट्सऐप जैसी कहानियो से आधुनिक सोच से सामंजस्य की सीख मिलती है वहीं दूसरी ओर जंगल-जंगल बात चली है, चाँद पर कूड़ा, चतुर्वन में भेड़िया, जैसी अनेक कहानियाँ पढ़कर नैतिक शिक्षा के साथ कार्टून चैनल्स के मोगली जैसे अनेक पात्र और अपना बचपन याद आते हैं।
कुल मिलाकर "डिज़ाइनर घोंसला" एक उपयोगी और रोचक पुस्तक है जो समाज और बालमन को सही दिशा और संतुलित सोच के लिए प्रेरित करेगी। ढेर सारी शुभकामनाएँ आ. शिखर चंद जैन जी को मेरी ओर से और *अन्तरा शब्दशक्ति* परिवार की ओर से।
अन्तरा शब्दशक्ति प्रकाशन का सौभाग्य है कि एक उपयोगी कृति के प्रकाशन का दायित्व हमें मिला। अब बारी आप पाठकों की है कि पढ़कर बताएँ कि लेखक और प्रकाशक कितने सफल हो पाए अपने मंतव्य को पूरा करने में।
पुस्तक का नाम:- डिज़ाइनर घोंसला (बाल कहानी संग्रह)
लेखक:- शिखर चंद जैन, कोलकाता
प्रकाशक:- अन्तरा शब्दशक्ति प्रकाशन
संपादक:- डॉ. प्रीति समकित सुराना
आवरण चित्र:- संदीप सोनी
मूल्य:- 150/-+डाक व्यय
(15 अगस्त तक आर्डर करने पर डाक व्यय नहीं लगेगा)
आर्डर करने के लिए संपर्क करें👇🏻
आ. शिखर चंद जैन- 09836067535
डॉ. प्रीति समकित सुराना- 09424765259



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