तबियत खराब सी है
खुशी नाराज़ सी है।
मन भी है विचलित सा
धड़कन है बेलगाम
आँखों में ऑंसू है
मैं खुद हूँ बेजुबान
इंतजार तुम्हारा मुझे तो आज भी है,
तबियत खराब सी है, खुशी नाराज़ सी है।
रुठे हुए हैं नाते
जीवन बीता जाए
कोई पल चैन भरा
पल भर को तो आए
हसरत दिल की हरदम, बस बयां आज की है,
तबियत खराब सी है, खुशी नाराज़ सी है।
खयाल रखती हूँ पर
बदलता हुआ मौसम
बदलते हुए अपने
सपनों का मातम
ये लगता है मानो कयामत आज ही है,
तबियत खराब सी है, खुशी नाराज़ सी है।



बहुत बढ़िया
ReplyDeleteसुन्दर सृजन
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