तेरे बदलने के साथ
बदलते हैं पन्ने यादों के
दोहराती है जिंदगी
हर बदलती तारीख के साथ
गुजरा हुआ
दर्द-खुशी
आँसू-हँसी
मिलन-विछोह
सपने और सपनों के बिखरने की तारीख भी
माना तुम आती हो
नई यादें बनाने पर
अतीत भी कभी वर्तमान था
कभी छूटता ही नहीं
तारीखों से नाता!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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