पलकों पर बिठाते तुम रहकर तो देखते,
हम जां भी लुटाते तुम कहकर तो देखते।
बिन समझे सुने खुद ही सोच लिया सब,
अफसाना सुनाते तुम कहकर तो देखते।
कब ये कहा तुमसे परदा है कोई,
सब कुछ बताते तुम कहकर तो देखते।
दिल धड़कता है बस तुम्हारे लिये ही,
नाम तुम्हारा सुनाते तुम कहकर तो देखते।
हम हैं प्रीत के समंदर बहुत गहरे,
कुछ मोतियाँ लेकर आते तुम कहकर तो देखते।
डॉप्रीतिसमकितसुराना



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