सुहागिनों की कलाई में
रिश्तों की ढलाई में
पशुओं की पलाई में
फसलों की फलाई में
जग की भलाई में
माखन और मलाई में
बच्चों की लड़ाई में
दिलों की सगाई में
बजती शहनाई में
बेटी की बिदाई में
बस खुशियाँ ही ख़ुशियाँ हो
बीता सो बीत गया
सब बदल जाये ये दुआ है
जग की भलाई हो
काश! जुलाई में!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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