Sunday, 5 July 2020

आँसुओं की भाषा

सुनो!
मेरे सपने 
जब दिखते है तुम्हारी आँखों में
बरबस नमी मेरी आँखों में आ ही जाती है।

हाँ!
खुद को देखना तुममें
मेरी जीने की उमंग
कुछ और बढ़ा देता है।

अब 
ऐसे में 
कोई कैसे समझे
आँसुओं की भाषा?

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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