25 जून को सूचना मिली कि 1920 पेज की किताब IBR इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए स्वीकृत हो गई पर तब तक किताब हमने देखी ही नहीं थी क्योंकि किताब दिल्ली से ही प्रिंट होकर रिकॉर्ड ऑफिस और pm ऑफिस भेज दी थी, एक प्रति वारासिवनी आनी थी जिसका बेसब्री से इंतज़ार था जो आज खत्म हुआ।
मानु भैय्या के सहयोग के बिना ये संभव न था, और तकनीकी संपादक मानु (संदीप) सोनी एवं समकित, जैनम, जयति, तनु, टीना को बहुत बहुत सारा धन्यवाद हर कदम में साथ देने, मेरी इतनी हेल्प करने और हिम्मत बढ़ाने के लिए।



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