बहुत दिनों के बाद,
बच्चों के कारण,
बच्चों और दोस्तों के साथ,
ये लम्हे भुलाए नहीं भूलते,
बनते हैं ताकत
समय के साथ
क्योंकि ये वो रिश्ते हैं जो बदले नहीं
मेरे लिए 22 सालों में
समय के बदलाव के साथ,
हरदम साथ निभाया
नहीं देखते दिन-रात या सूखा-बरसात
ये रिश्ते कभी निभाए नहीं
बस निभते चले गए जिंदगी के साथ
आभार ईश्वर
दी है आपने ही ये खूबसूरत रिश्ता यानि दोस्ती की सौगात,..!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



0 comments:
Post a Comment