Saturday, 13 June 2020

मेरे भी कई ख्वाब थे

#विश्वबालश्रमनिषेधदिवस

मेरे भी  कई ख्वाब थे

मेरे भी  कई ख्वाब थे, पर  सारे के सारे  बह गए।
बनाए थे रेत पर सपनों के महल, वो भी ढह गए।
जिंदगी ने  इम्तिहान  बहुत लिए हैं  हर कदम पर,
पार  कर इम्तिहान सारे आज अनपढ़ ही रह गए।

#डॉप्रीतिसमकितसुराना 

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