ऋतु परिवर्तन की बेला आई
सुनो दिशाएँ क्या कहती हैं?
देश, काल और परिस्थितियाँ
समझो दशाएँ क्या कहती है?
बदलना प्रकृति की नियति है
जिसे बदला नहीं जा सकता,
विगत कर्मों के आत्मचिंतन से ही
जान लोगे रेखाएँ क्या कहती है?
#डॉप्रीतिसमकितसुराना
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