जब दो लोग एक साथ जीते हैं
तो रुठने मनाने की
गुंजाइश तो रहती है।
भले ही सब कुछ हो हमारे पास
थोड़ी अपेक्षा थोड़ी
फरमाइश तो रहती है।
माना प्यार में कोई शक नहीं होता
पूरा विश्वास हो,
ये आखरी हद है प्यार की,
पर झूठी-सच्ची तकरारें और लड़ाई
बात-बात में प्यार की
आजमाइश तो रहती है।
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



0 comments:
Post a Comment