Wednesday, 24 June 2020

नहीं तो,...

ढूंढ रही हूँ कण-कण में
मुझे मिलोगे कहीं तो,...
कभी-कभी लगता है ये
अभी-अभी थे यहीं तो,..
मत तड़पाओ, सामने आओ
जीवन डोर बंधी है तुमसे
मत खेलो यूँ ही खेल-खेल में 
मर ही जाउंगी नहीं तो,...।

डॉप्रीतिसमकितसुराना

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