जा रहे हो?
जाओ
पर मत लेकर अपने साथ
अनावश्यक बोझ।
सुनो!
मेरे पास छोड़ जाओ
अपनी
ज़िद, गुस्सा, अहम
अकड़, चिढ़ ,वहम
साथ ले जा सको
तो जरुर ले जाओ
मेरा प्यार, अपनापन, विश्वास
समर्पण, यादें, आस
ताकि जी सकूँ में भी
इस उम्मीद में
तुम्हारी राह तकते हुए
एक दिन तुम लौटोगे जरुर!
लौटोगे न?
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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