मत सोचो
कि अभिव्यक्ति पर लोग
हँसेंगे, बोलेंगे, टोकेंगे,
कोई भाव पर,
कोई सोच पर,
कोई विधा पर,
कोई समय की बर्बादी कहकर
लेकिन
अभिव्यक्ति की ताकत इसी से समझो
जब भी हम कुछ कहते हैं
लोग सोच में पड़ जाते हैं
कहीं कुछ ऐसा न कह दे कि,..!
बस फिलहाल इतना ही
अभिव्यक्ति से मत घबराओ!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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