पिता के कंधे के बराबर के हो गए
अब हमारे दोनों बेटे
सिर्फ पिता दिवस मनाने के लिए नहीं
अब पिता को पिता होने का
गर्व महसूस करवाते हैं
हर काम में हाथ बटाते हैं,
नई दुनिया के चलन बताते हैं
ऐसा नहीं कि चुपचाप सुन लेते हैं हर बात
एक दोस्त की तरह सही-गलत पर बतियाते हैं
ख़याल रखते हैं हर बात का
बड़े होते बच्चे बहुत से सुखद एहसास दिलाते हैं।
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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