Saturday, 2 May 2020

प्याली के इंतज़ार में

कड़क, 
ज़रा कम मीठी,
तेज अदरक और तुलसी वाली,
चाय
मेरे विचारों में भी खौल रही है
सच,
जीवन के सतरंगी पलों के
तर्क और प्रमाण सहित,
किससेनुमा बातें,..!

मैं हूँ तुम्हारे भरोसे की 
प्याली के इंतज़ार में,
जिसकी डंडी में
मैं डालकर उंगलियाँ 
उठा लूँ निश्चिंत होकर
बड़ों की उंगली थामे 
बच्चे की तरह,..!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

0 comments:

Post a Comment