Monday, 11 May 2020

संग-संग पूजा-प्रीत

बरस पर बरस यूँ बीत रहे हैं
आज आंखों से आँसू रीत रहे हैं।

बचपन क्यों बीत गया जल्दी
अब हमसे तो बच्चे जीत रहे हैं।

तेरी-मेरी यारी में जो लिखे-गाये
सबसे मधुर वो ही गीत रहे हैं।

लड़ना-झगड़ना, फिर कट्टी-बट्टी, 
लंबी वाली चिट्ठी अतीत रहे हैं।

हम ही सबसे ज्यादा लड़ते थे
और हम ही अब तक मीत रहे हैं।

साल पूरे हुए तिरालीस
संग-संग पूजा-प्रीत रहे हैं।

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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