माँ का दिन
जिस दिन शिशु गोद में
पहली बार रोता है,
रुदन से मुस्कुराने तक
पहले स्पर्श से
माँ की कपाल क्रिया तक
हर दिन बच्चों की माँ का दिन
हर पल होता है
ये सृष्टि भी माँ है,
ये प्रकृति भी माँ है
ये धरती भी माँ है
कोख से किसी ने जन्म लिया
तो मिली माँ की पदवी।
फिर सोचिए किस-किस का मनाएँ दिवस,
इसलिये
बच्चों की भावना का खयाल रखते हुए
दुनिया में एक व्यवहारिक तिथि घोषित कर दी
मई में माँ का दिन
दूसरा रविवार
चलो हो गए हम भी तैयार
खुश होने को बहाने ढूंढते हम
हमनें बच्चों का प्यार
मातृदिवस का त्यौहार
सरप्राइज़ और उपहार,
किया स्वीकार
दिल से पूरे परिवार का आभार।
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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