Sunday, 10 May 2020

दुआएँ दामन में



चाँद सी तुम बिखेरती हो चाँदनी आँगन में, 
हँसती-खेलती गुड़िया सी हमारे जीवन में,
तुमसे जुड़ी है खुशियाँ, सपने और सभी अपने,
खुश रहो और खुश रखो, समेट लो दुआएँ दामन में।
प्रीति समकित सुराना

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