एक ऐसा रिश्ता
जिसमें अपेक्षा कम सुरक्षा ज्यादा
एक ऐसा रिश्ता
जिसमें पारदर्शिता ही पारदर्शिता
एक ऐसा रिश्ता
जो हौसला भी देता है और दिशा भी
एक ऐसा रिश्ता
जिसने जन्म भी दिया और जीवन भी
हर बच्चे के जीवन का
सबसे पहला पुरुष होता है पिता
सबसे पहली स्त्री होती है माँ
जिससे मिलते हैं जिंदगी के तमाम रिश्ते
और भाई-बहन, दोस्त-सहेली, प्रेमी-प्रेमिका, पति-पत्नी, बेटा-बेटी,..
हर रिश्ते में बच्चे
पूरी जिंदगी तलाशते है माता पिता की छवि
क्योंकि
इससे सुरक्षित, समर्पित और स्नेहिल
कोई रिश्ता बच्चों को पूरी जिंदगी में
कहीं नहीं मिलता,..
मम्मी-पापा ही
जीवन की आधारशिला हैं
बच्चे
जीवन की कितने ही पड़ाव पूरे कर ले
ऊंचाइयों को छू ले
स्वप्नों के महल खड़े कर ले
पर उसके जीवन में संस्कारों की नींव
मम्मी-पापा की रखी हुई ही होती है।
सिर्फ मातृ-पितृ दिवस
या केवल उनके जन्मदिन पर नहीं
बल्कि
अंतिम सांस तक
नमन और स्नेह के तार जुड़े रहेंगे
मम्मी-पापा से
ये वो ऋण है
जिससे उऋण कभी नहीं हुआ जा सकता,..!
हाँ! हम सब चिर ऋणी हैं आपके,...!
और
आज आपके विवाह की 45वीं वर्षगाँठ पर देते हैं शुभकामनाएँ आप दोनों के आशीर्वाद की आकांक्षा सहित।
डॉ प्रीति समकित सुराना



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