Sunday, 10 May 2020

मेरी खामोशी सुन लो



सुनो!
मैंने कहा था चुप रहूँगी मैं
पर बातें तो 
निःशब्द भी हो सकती हैं
एक बार 
सिर्फ एक बार
मेरा नंबर 
मिलाओ तो सहीं
झगड़ा शब्दों का, बातों का था
तुम
मेरी खामोशी ही सुन लो,..!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

0 comments:

Post a Comment