Tuesday, 21 April 2020

#भाग्य भरोसे मत बैठो



केवल
भाग्य भरोसे मत बैठो
भाग्य कर्म पर निर्भर है
कर्म विचारों पर आधारित है,

भाग्य में लिखेगा वही
जो हम करेंगे
और जो हम करेंगे 
होंगे लेखे-जोखे उन्हीं कर्मों के
भाग्य के खाताबही में,

और हिसाब
घण्टे, दिन, हफ्ते, 
महीने, वर्ष का हो
या वर्षों का 
कर्म तो करना ही होगा

अकर्मण्यता में भाग्य का अवशेष 
जब खत्म होगा
तब कहाँ जाओगे
क्योंकि फलित वही होगा 
जो लिखा होगा भाग्य के खाताबही में!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

0 comments:

Post a Comment