Sunday, 26 April 2020

परिंदे सोच में हैं

ये क्या हो गया मानव को
नज़र ही नहीं आता आजकल,
न तो
धुंए छोड़ते वाहनों पर
वृक्षों को काटते हुए
जाल बिछाते हुए,
परिंदों के पर काटते हुए
कैद करते हुए आज़ाद परिंदों को!

और न ही
प्रदूषण को कम होते देख
सड़कों पर सन्नाटा देख कर

परिंदे सोच में हैं कि मानव ठीक तो है न!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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