Sunday, 24 April 2016

सब है क्षणिक

मिट्टी में ही मिलना है,चाहे मिले लाख सुख,
सब है क्षणिक यहाँ,ज्ञान होना चाहिए।
कभी दुःख आए भी तो,हारना नहीं हिम्मत,
आया है वो जाएगा ही,भान होना चाहिए।
रात है सिखाती यहीं,नित नई भोर होगी,
भोर में उजाला होगा,ध्यान होना चाहिए।
चाहते हो यदि सुख,लोभ सारे भूल कर,
काम ऐसे करना कि,मान होना चाहिए।
प्रीति सुराना

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