Friday, 1 April 2016

खुशबू

बंद खिड़की की झिर्रियों से
खुशबू भले ही आती हो
प्यार वाली,..

पर
हवा के साथ
धूल भी तो चली आती है,..

वैसे भी
आजकल हर तरफ
मौसम ज़रा ख़राब है,... प्रीति सुराना

3 comments:

  1. बहुत सुन्दर

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  2. शानदार और उम्दा प्रस्तुती।
    आपकी रचनाएं यहां भी प्रकाशन के लिए आमत्रित है::::
    संपादक / प्रकाशक
    AKSHAYA GAURAV Online Hindi Magazine

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