Saturday, 11 May 2013

खासियत

हंसी और खुशी की
तुम्हारे आंगन में हो हरदम चहचहाहट,
चैन की बंशी बजे मन में
और लब पर हो मधुर गीतों की गुनगुनाहट,
दुनिया की भीड़ से
अलग तुम्हारी पहचान बने,
और उस पहचान की खासियत हो
तुम्हारे चेहरे की खूबसूरत सी मुस्कुराहट,...प्रीति सुराना

2 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति,आभार.

    ReplyDelete