Thursday, 1 December 2011

संकल्प


समाज नया बनाना है,संकल्प किया है मैने,
भ्रष्टाचार मिटाना है,संकल्प किया है मैने,

ऊंच-नीच व भेदभाव,जात-पात हटाना है,
नारी को सम्मान मिले,संकल्प किया है मैने,

तेरा-मेरा व खून-खराबा,दौलत की दीवार हटाना है,
सब को समान सुख मिले,संकल्प किया है मैने,

सामंप्रदायिकता व छुआछूत हटा,साक्षर सबको बनाना है,
सबको अपना हक मिले,संकल्प किया है मैने,

समाज नया बनाना है,संकल्प किया है मैने,....प्रीति सुराना

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