Tuesday, 14 July 2020

प्रिय सुकून

तुम्हारा दिल से आभार
क्योंकि तुमने ही सिखाया
भूल जाना बुरा क्या था
याद रखना अच्छा क्या है
तुमने ही बताया
सही ये है
कि
जैसा व्यवहार चाहते हो
वैसा व्यवहार करो
तुमने समझाया
कथनी और करनी का एक होना
जीवन को कितना सहज कर देता है।
आभार सुकून तुम्हारा
तुम्हे पाने के बहाने जीवन ने पढ़ाए कई पाठ
तुम जब जब मिलते हो
हौसला और कुछ करने का जज्बा साथ लाते हो
आभार तुम्हारा सुंदर उपहारों के लिए,..!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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