मैं बहुत खुश हूँ
इसलिए नहीं कि
कह दी मन की बात
बल्कि खुश हूँ इसलिए
कि अपनों ने सुन ली
मेरे मन की बात,
रहेंगे साथ,
थामे हाथ,
समझते जज़्बात
आभासी दुनिया की सच्ची मुलाकात,...!
मिलते रहेंगे ये वादा
स्नेहसिक्त नमन के साथ!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना
copyrights protected

0 comments:
Post a Comment