आर्द्रा नक्षत्र के आते ही
तुम नमी के साथ बिगड़ने लगते हो
बदलने लगते हैं तुम्हारे तेवर
उदर में पहुँचते ही इन दिनों
जाने क्यूँ?
सिर्फ इसी लिए प्रिय होकर भी
करना पड़ता है तुमसे कुट्टी
पर तुम्हारा साथ नहीं छोड़ते
बस कर देते हैं अगली गर्मियों तक
तुम्हारी गर्मियों की छुट्टी
और चलाते हैं काम
लेकर आम का नाम
कभी आम के पापड़,
कभी अमचूर की चटनी,
कभी कच्चा मैंगो बाइट,
कभी आम की गोलियाँ और बट्टी!
आम तुमसे दूरी सम्भव ही नहीं
तुम राजा हो फलों के
और दिलों पर राज करते हो,..
बहुत खास हो तुम सिर्फ नाम के हो आम,..!
रहेगी वर्ष भर फिर प्रतीक्षा प्यारे आम
आना खट्टे मीठे रुप में जल्दी मेरे लिए,..!
तुम्हारी दीवानी
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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