मैंने सह लिया दर्द
धोखे, फरेब, चलबाजियाँ
भावनात्मक शोषण
सपनो का बिखरना
हौसलों का टूटना
झूठे लोगों की सहानुभूति
बहुत कुछ
जिनमें से कुछ के तो नाम ही नहीं है
उन तमाम अनाम दर्द को सहकर भी
संघर्ष नहीं छोड़ा
हाँ!
ये बिल्कुल सच है
संघर्ष ने सिखाया मुझे
सही समय की प्रतीक्षा करो।
और सुनो!
सही समय आता है ये मेरा अनुभव है
और
अनुमान गलत हो सकते हैं अनुभव नही!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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