Thursday, 11 June 2020

हमारे दरमियां

हाँ!
हमारे दरमियां
बहुत कुछ अधूरा है
बातें-वादे, 
किस्से-हिस्से,
शिकवे-उलाहने,
ताने-बाने,
ऑंसू-हँसी,..जाने और भी क्या-क्या?
पर 
जब सोचा गहराई से
तब लगा
हमें तो एकाकार होना था
इसलिए
यदि हम दोनों पूरे होते
तो मिलकर 
एक और एक 
दो होते या ग्यारह!
सुनो
अधूरे हम दो का मिलकर 
एक होना
वाकई अर्थपूर्ण है,.......!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

0 comments:

Post a Comment