Friday, 26 June 2020

प्रकृति तू रहम कर

मानव ने समझा नहीं
तेरी करुणा का मोल,
भूला अपने मतलब में
ये दुनिया है गोल,
प्रकृति तू रहम कर
तू न कर हम पर क्रोध,
मिटा अंधकार अज्ञान का
ज्ञान सुधा रस घोल!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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