मेरा बनना देखकर
अचरज क्यों है?
क्या कभी
मेरा बिखरना देखा था?
प्यार वो ताकत है
जो नसीब से मिलती है
बिखरते हुए संभालती है
बनते हुए संवारती है
बस प्यार की शर्त इतनी सी
कि प्यार को प्यार चाहिए
पूरे समर्पण
और विश्वास के साथ!
मैं थी
मैं बिखरी
मैं निखर गई
यकीन न हो तो बिना स्वार्थ
प्यार करके देखना
सारे सवाल मिट जाएंगे!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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