Sunday, 14 June 2020

कौन कहता है


किसी रात
उजाले में खड़े होकर देखना
सामने सिर्फ घना अंधेरा दिखता है
कौन कहता है
कि सफल व्यक्ति निराश नहीं हो सकता?
ये बात और है
कि हम-तुम जैसे
खुलकर हँस-बोल और रो नहीं सकता,...!
भरे मन से चैन की नींद सो नहीं सकता,.!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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