दूरियाँ-नजदीकियाँ
गम-खुशियाँ
आँसू-मुस्कान
हार-जीत
आज-कल
निर्माण-विनाश
प्रेम-घृणा
हर सिक्के के दो पहलू की तरह
हर समस्या और समाधान भी
दो पहलुओं के हिस्से होते हैं
इस जीवन में
सभी सिक्के के दो पहलुओं के
नियम से बंधे हैं?
मुक्त वही है जो सिक्कों के मोह त्याग दे।
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



0 comments:
Post a Comment