थोड़े से जीवन रुपी आटे में
ज्यादा से मोयन रुपी ख्वाब
इच्छाओं का पानी
हौसले का नमक
सुख-दुख के चकले-बेलन से बनी
वक्त के चूल्हे पर सिकी
मेहनत की एक रोटी
और अचार दुआओं के मसालों का
छप्पन भोग से भी स्वादिष्ट लगते हैं
यकीन न हो तो
चख कर देख लो!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



0 comments:
Post a Comment