Monday, 27 April 2020

मौत तेरा डर नहीं

जिंदगी में कई इम्तिहान हैं
जिम्मेदारियाँ है, अरमान हैं
अपने हैं, सपने हैं
कुछ पहचाने कुछ अनजान हैं
भीड़ में भी तन्हाई
और तन्हा भी हलकान हैं
चैन नहीं मिलता जीवन भर
कल का डर रहता है पल-पल
कोई भी दिखता नहीं ऐसा
जिसने पाए हों सातो सुख
मौत तेरा डर नहीं है अब तो
सब जीवन से परेशान हैं।

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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