जिंदगी में कई इम्तिहान हैं
जिम्मेदारियाँ है, अरमान हैं
अपने हैं, सपने हैं
कुछ पहचाने कुछ अनजान हैं
भीड़ में भी तन्हाई
और तन्हा भी हलकान हैं
चैन नहीं मिलता जीवन भर
कल का डर रहता है पल-पल
कोई भी दिखता नहीं ऐसा
जिसने पाए हों सातो सुख
मौत तेरा डर नहीं है अब तो
सब जीवन से परेशान हैं।
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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