Saturday, 25 April 2020

रमजान मुबारक



रमजान मुबारक
पर एक गुजारिश
पढ़ना सचमुच
अर्थ जानकर
पूरी कुरान,

साथ-साथ कई बार होती है
मेरी आरती और अज़ान
लगता है शंख ध्वनि और
अजान से मिल रहे हैं
दो अलग अर्थ के सुंदर सुर,

इस बार जब पढ़ लो अर्थ
तो सिर्फ पढ़ना नहीं समझना
और इंसान हो याद रखकर
कुरान को नहीं कुरान की मानना।

पा जाओगे सारे ज्ञान।

डरप्रीतिसमकितसुराना

0 comments:

Post a Comment