Monday, 5 October 2015

इतिहास नींव है,..

हां!!!
मुझे कभी भी
पसंद नहीं था
इतिहास पढ़ना,
हमेशा सोचती थी
कैसे पढ़ लेते हैं लोग
इतना अरुचिकर विषय
क्यूं लेते हैं
मास्टर डिग्रियां,..

इतिहास पढ़कर
बीते सालों की
तारीखें और घटनाएं
याद करने का औचित्य
कभी समझ नहीं आया,..
लोगों के तर्कों को
हमेशा बेसिरपैर का मानकर
दरकिनार करती रही,..

पर आज
जब जी लिए
चालीस बसंत जीवन में
अब कुछ तारीखों का
लेखा-जोखा रखने लगी हूं,..
बीती बातों को याद करना
और दोहराना
आदत और शौक बन गया है,...

कभी कभी
किसी मोड़ पर लगता है
अपने ही जीवन का इतिहास
याद करके
अपने अनुभवों से
आने वाले कल के लिए रास्ते चुनती हूं,
बीती यादों से
एहसास जिन्दा रहते हैं मुझमे,..

गुजरे हुए लम्हों से
सांसे यूं जुड़ी हैं,..
मानो
आने वाले कल का वजूद ही
बीते हुए कल से हो
सीख, यादें, अनुभव
जैसी बातों का महत्व
अब समझा है मैंने,...

आज मैं कहने लगी हूं
इतिहास
बहुत रोचक
और अनिवार्य विषय है जीवन का
अब समझी हूं मैं
इतिहास नींव है
हमारे आज और आने वाले कल की,..

सुनो !!
शायद आज की तारीख का भी
हमारे इतिहास में बड़ा महत्व है ना??

खैर
मैं मानती हूं
हर तारीख़ से किसी न किसी का इतिहास जुड़ा है
और हर इतिहास से जुडी है
खट्टी-मीठी यादें
अच्छे-बुरे अनुभव और सीख,..
अब मैं तारीखें याद रखती हूं
और घटनाएं भी,....प्रीति सुराना

3 comments:

  1. बहुत सुन्दर लिखा है,स्वम-इतिहास

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  2. समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है। आखिर सब इतिहास ही बन जाता है कोई लिपिबद्ध कोई मुखाग्र कुछ दिन,महीने, साल के लिए।

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  3. बहुत खूब , शब्दों की जीवंत भावनाएं... सुन्दर चित्रांकन
    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
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