Wednesday, 12 August 2015

हज़ार बार आए तुम्हारा जन्मदिन,..

सुनो
जन्मदिन तुम्हारा
सार्थक है मेंरे लिए
नव जीवन दिया
मेरी जिन्दगी में आकर,..
तुमने मुझे अपनाकर,..
तुम हो तो
मेरा वर्तमान सुरक्षित है
तुम हो तो
भविष्य से उम्मीदें हैं,..
आज देती हूं
ये दुआ तुम्हें
जियो
जब तक मेरी सांसें हैं,..
जब तक जिन्दा हूं
देती रहूं दुआ यही
तुम खुश रहो
आबाद रहो
मेरे साथ भी
मेरे बाद भी
क्योंकि
तुम्हारी ही खुशियों से
आबाद है मेरा गुलशन
हज़ार बार आए तुम्हारा जन्मदिन,..प्रीति सुराना

2 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" गुरुवार 13 अगस्त 2015 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  2. जन्मदिन की शुभकामनाऐं समकित ।

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