Wednesday, 6 May 2015

उम्मीद चलना चाहती है,.


मुश्किल है राह,.

मगर मेरी उम्मीद चलना चाहती है,.
थाम कर उंगली,.
सिर्फ तुम्हारे यकीन की,..प्रीति

1 comment:

  1. बहुत सुन्दर् अभिव्यक्ति1

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