Thursday, 17 January 2013

ओ हमदम

चंद बातें हायकू में:----

मंजिलें मेरी
तेरी राह से जुदा
कभी न हुई,,.

जाते ही कैसे
अपनो से दूरियां
मंजूर नही,..

कुछ तो मिला
यूं तनहाई में भी
आंसू साथी है,..

कैसा सुकुन
बिन तेरे दिल को
ओ हमदम,...

मिल ही गई
मेरी मंजिल मुझे
ये तनहाई...प्रीति सुराना

3 comments:

  1. कैसा सुकुन
    बिन तेरे दिल को
    ओ हमदम,...

    बहुत खूब ... सभी हाइकू लाजवाब ...

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    1. thanks दिगम्बर नासवाji

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  2. kar lo sukun....
    tanha see jindgee
    harit hui .......


    karo sukoon
    kaho to fir se ...
    tanha hoon main ....!!

    ajeeb baat
    mere naseebon tale
    charaag jale .......

    (.)

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