Wednesday, 1 August 2012

दोस्ती नाम है


 
दोस्ती नाम है
दिल से दिल के रिश्ते को निभाने का

कोई व्यापार नही 
जिसमें लाभ-हानि के सवाल हो

माना कि 
वक्त निकालकर आओगे तुम मेरे बुलावे पर

हर सुख दुख में 
शामिल मेरे दोस्तों,..तुम कमाल हो

पर आती है याद 
उन दिनों की जब ये तुम ही कहते थे,..

क्या दिन भर 
काम ही काम,भागदौड़ ही जिंदगी है,..

कभी यूँ ही 
बेवजह भी हमसे मिलने आ जाया करो,..

सारे गमों से दूर 
बस बातें हो,मस्ती हो,धमाल हो,...प्रीति सुराना

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