Saturday, 26 May 2012

यूं आंखे नम न करो


मुझे रोने दो एक बार
क्यूकि मैं बेबस हूं 
मुझपे रहम तो करो
यूं आंखे नम न करो,

तुम्हे जाना है मंजिल तक
मैं थक गई तो क्या
तुम रूककर दम न भरो 
यूं आंखे नम न करो,

मिले कामयाबी के उजाले
अब मेरे लिए तुम
इस रोशनी तम न करो
यूं आंखे नम न करो,

यहीं तक का था साथ
अब यादें साथ होंगी
तुम ऐसे करम न करो
यूं आंखे नम न करो,

हम मिले क्यूं थे
ये सोचकर मिलने का 
मजा कम न करो
यूं आंखे नम न करो,

हम बिछड़े क्यूंकि
नियती के फैसले है ये
कोई वहम न करो
यूं आंखे नम न करो,

दिल की बातें है ये
दिल से महसूस करो
कोई गम न करो
यूं आंखे नम न करो,.....प्रीति

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