Thursday, 23 July 2020

आज़ाद

आज  फिर  से  जरुरत आज़ाद  की,
नहीं है जरुरत किसी भी  विवाद की,
मानवता भूल  चुके मानवों को  अब,
जरुरत है खुद से खुद के  संवाद की।
हाँ!
आज  फिर  से  जरुरत आज़ाद  की।

डॉप्रीतिसमकितसुराना

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