Thursday, 23 July 2020

प्रिय बुद्धि,


मैंने मांगे हैं
ईश्वर से सातों सुख
और तुम्हारा साथ
क्योंकि मुझे मालूम है
सातो सुख मिलते ही
अहं सिर पर चढ़ बैठता है
और तब
तुम दोगी निर्देश
कि मैं गढ़ सकूँ
अपनी सफलता की मूरत
तुम्हारे निर्देश पर
आत्मविश्वास के औजारों से
ताकि मेरी उस कारीगरी से खुश होकर
विधाता खुद विवश हो जाए
मेरी सफलता की मूरत को सजीव करने को!
कहो बुद्धि, दोगी साथ मेरा,..?

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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