कितना कुछ घट जाता है
चंद ही लम्हों में
और तब
शोर मचाता है दिल
कि क्यों इतनी मशक्कत
उन आने वाले दिनों के लिए
जिसका कोई ठिकाना ही नहीं
या क्यों इतना दुख
बीत गए लम्हों के लिए!
क्यों नहीं करते
हम अपने कर्मों और भावों पर नियंत्रण
आज को बेहतर बनाने के लिये!
जबकि
कर्म सिद्धांत यही सिखाता है
आज को शुद्ध और श्रेष्ठ भावों से जी लो
तो कल की फिक्र करने की जरुरत ही नहीं!
सुनना और समझना चाहिये
सचमुच जब शोर मचाता रहता है दिल,...!
#डॉप्रीतिसमकितसुराना



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